UjjainMP

श्री बड़े गणेश मंदिर

महाकाल मंदिर के पास विशालकाय गणेशजी की मूर्ति है। इस प्रतिमा के आस-पास रिद्धि-सिद्धि देवियां हाथ जोड़े प्रार्थना कर रही है। चरण में मूषक लड्डू को पकड़े हुए है। इस मंदिर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति सबसे आकर्षक व सुंदर है।

गणपत‍ि बप्‍पा का यह अनोखा मंद‍िर उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित है। इस मंदिर में भगवान गणेश की एक विशाल प्रत‍िमा है। आकार की वजह से इन्‍हें बड़े गणेशजी के नाम से जाना जाता है। दावा है क‍ि इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा विश्वभर में गणेश जी की सबसे ऊंची प्रत‍िमाओं में से एक है।

मंद‍िर में स्‍थापित गणेश प्रतिमा की स्थापना महर्षि गुरु महाराज सिद्धांत वागेश पं. नारायणजी व्यास ने करवाई थी। आपको जानकर हैरानी होगी क‍ि बप्‍पा की इस मूर्ति में सीमेंट का नहीं बल्कि इसमें गुड़ और मेथी दानों का प्रयोग क‍िया गया है।

मूर्ति को बनाने में सभी पवित्र तीर्थ स्थलों का जल भी मिलाया गया। इसके अलावा सात मोक्षपुरियों मथुरा, द्वारिका, अयोध्या, कांची, उज्जैन, काशी और हरिद्वार से लाई हुई मिट्टी भी मिलाई गई है। सभी पव‍ित्र तीर्थ स्‍थलों के जल और मोक्षपुर‍ियों की मिट्टी के चलते इस स्‍थान को और भी अध‍िक महत्‍वपूर्ण माना गया है। बता दें क‍ि इस मूर्ति को बनाने में ढाई वर्ष का समय लगा था।

मंदिर में स्‍थापित गणेशजी की प्रतिमा लगभग 18 फीट ऊंची और 10 फीट चौड़ी है। मूर्ति में भगवान गणेश की सूंड दक्षिणावर्ती है। प्रतिमा के मस्तक पर त्रिशूल और स्वास्तिक बना हुआ है। दाहिनी ओर घूमी हुई सूंड में एक लड्डू दबा है। भगवान गणेशजी के कान व‍िशाल हैं और गले में पुष्प माला है। दोनों ऊपरी हाथ जप मुद्रा में और नीचे के दाएं हाथ में माला व बाएं में लड्डू की थाल है।